सोयाबीन की कौन सी वैरायटी है बेस्ट: गोल पत्तों वाली या नुकीले पत्तों वाली? जानें पूरी सच्चाई

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  खेती-किसानी के आज के इस ब्लॉग में सभी किसान भाइयों का स्वागत है। सोयाबीन की बोनी का समय आते ही हमारे मन में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि सोयाबीन की कौन सी प्रजाति लगाएं? गोल पत्तों वाली या नुकीले पत्तों वाली? दोनों ही वैरायटियों के अपने-अपने अनोखे और शानदार फायदे हैं। अगर आप सही चुनाव नहीं कर पा रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए ही है। आइए दोनों की तुलना करते हैं ताकि आप अपनी जमीन और जरूरत के हिसाब से सही फैसला ले सकें। नुकीले पत्तों वाली सोयाबीन: सुरक्षा और हवा का बेहतरीन तालमेल नुकीले पत्तों वाली सोयाबीन की प्रजाति उन किसानों के लिए वरदान है जो कीटों और बीमारियों से परेशान रहते हैं। इसके मुख्य फायदे निम्नलिखित हैं:  प्राकृतिक कीट नियंत्रण: नुकीले पत्तों की बनावट ऐसी होती है कि हानिकारक कीटों (जैसे इल्ली) को इन पर अंडे देने में बहुत मुश्किल होती है। इससे आपकी फसल प्राकृतिक रूप से सुरक्षित रहती है। निचली फलियों का पूरा विकास: इन पत्तों के बीच खाली जगह होने के कारण सूरज की रोशनी और ताजी हवा पौधे के सबसे निचले हिस्से तक आसानी से पहुंचती है। नतीजा यह होता है कि नीचे की फलियां भी उतनी...

कम समय में आनेवाली सोयाबीन की नई प्रजाति MACS 1188




MACS 1188 
ये कम समय में आने वाली सोयाबीन की प्रजाति है।
बड़े साइज के दाने, और 3 से 4 दानों की फल्ली 
100 दानों का वजन 11.5 से 12 ग्राम होता है,
इसके पौधे को सफेद फूल आते है, और इसके फल्ली पे बालों जैसा बारीक रूवा होता है, 
ये प्रजाति जब पक जाती है, इसकी फलियां पूरी सुख जाति है, तो ये फूटती नही, जिसके कारण हमारा नुकसान नहीं होता,
ये प्रजाति के पौधे का खोड़ मोटा होता है, जिसके कारण पौधा जमीन पे गिरता नही, पौधे को फल्लियां जमीन से 5 से 7 सेमी, ऊपर लगती है, 
MACS 1188 सोयाबीन 100 दिनो में पककर तयार हो जाती है,

जहां पर सब्टेंबर महीने के आखिर तक बारिश अच्छी होती है, और पानी का अच्छा बंदोबस्त है, ऐसी जगह पे इस प्रजाति को बोना चाहिए,

इसकी उत्पादन क्षमता 12 से 15 प्रति एकड़ है,
एक एकड़ के लिए आपको 25 किलो बिक लगता है,
और इस सोयाबीन के प्रजाति में रोगों को सहेने की क्षमता बहोत है, इसलिए इस पर कोईभी रोग ज्यादा असर नहीं करता है,

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