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Showing posts from November, 2017

सोयाबीन की कौन सी वैरायटी है बेस्ट: गोल पत्तों वाली या नुकीले पत्तों वाली? जानें पूरी सच्चाई

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  खेती-किसानी के आज के इस ब्लॉग में सभी किसान भाइयों का स्वागत है। सोयाबीन की बोनी का समय आते ही हमारे मन में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि सोयाबीन की कौन सी प्रजाति लगाएं? गोल पत्तों वाली या नुकीले पत्तों वाली? दोनों ही वैरायटियों के अपने-अपने अनोखे और शानदार फायदे हैं। अगर आप सही चुनाव नहीं कर पा रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए ही है। आइए दोनों की तुलना करते हैं ताकि आप अपनी जमीन और जरूरत के हिसाब से सही फैसला ले सकें। नुकीले पत्तों वाली सोयाबीन: सुरक्षा और हवा का बेहतरीन तालमेल नुकीले पत्तों वाली सोयाबीन की प्रजाति उन किसानों के लिए वरदान है जो कीटों और बीमारियों से परेशान रहते हैं। इसके मुख्य फायदे निम्नलिखित हैं:  प्राकृतिक कीट नियंत्रण: नुकीले पत्तों की बनावट ऐसी होती है कि हानिकारक कीटों (जैसे इल्ली) को इन पर अंडे देने में बहुत मुश्किल होती है। इससे आपकी फसल प्राकृतिक रूप से सुरक्षित रहती है। निचली फलियों का पूरा विकास: इन पत्तों के बीच खाली जगह होने के कारण सूरज की रोशनी और ताजी हवा पौधे के सबसे निचले हिस्से तक आसानी से पहुंचती है। नतीजा यह होता है कि नीचे की फलियां भी उतनी...

पाँच दानी तुव्वर (अरहर) की खेती से बहोत सारे पैसे कमाये

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जैसा कि हम सब जानते है। तुव्वर कि फसल एक ऐसी फसल है ,जो हमे बहोत सारे पैसे दे सकती है। आज हम एक ऐसीही तुव्वर की वेरायटी के बारेमे जानने वाले है ,जिसका नाम है (पाच दानी तुव्वर) ये जो तुव्वर की वेरायटी है । बहोत ही कम खर्चे में आने वाली तुव्वर है ।और इसकी खास बात ये है कि इसकी फल्ली में पांच दाने है। और दाने बहोत बड़े है।और फल्ली बी बहोत बड़ी है। ये तुव्वर की फल्ली दूसरे तुव्वर की फल्ली से काफी बड़ी है। ये जो पाच दानी तुव्वर है ।इसे लगाने के बाद जब इसे फूल आएंगे तब एक पानी देना होंगा। और जब फूल की फल्ली बन जाये और कुछ फूल बाकी हो तब अंदाज़ा देख कर पानी दे ।वैसे तुव्वर एक पानी मे आ जाती है।अगर ज़मीन हल्की हो तो और एक पानी दे सकते है। और एक बात जब ये तुव्वर फूल में हो और मौसम खराब हो तो उस पर एक दवा की स्प्रे करे दवा कृषि अधिकारी से पूछ कर अपने नजदीकी कृषि सेवा केंद्र से ले ।स्प्रे करते समय अपने मु पर मास्क ओर हाथ मे हैंडक्लोज़ पहेने  ये तुव्वर लगाने के बाद 5 महिने में आती है ।

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